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यूपीपीएससी सिलेबस २०२२ । UPPSC SYLLABUS IN HINDI

UPPSC SYLLABUS AND EXAM PATTERN IN HINDI सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा तथा सहायक वन संरक्षक/ क्षेत्रीय वन अधिकारी सेवा परीक्षा दोनों से सम्बन्धित प्रारम्भिक परीक्षा हेतु पाठ्यक्रम- दोस्तों मैं आपकी जानकारी के लिए बताना चाहता हूं कि UPPSC का चयन प्रक्रिया मुख्यतः 3 चरणों में पूरा होता है जिसके बारे में नीचे विस्तार से वर्णन किया गया है।  1. प्रारंभिक ( Prelims ) 2. मुख्य ( Mains ) 3. साक्षात्कार ( Interview )  @ UPPSC Prelims Exam Pattern- (i) UPPSC की परीक्षा offline मोड में होता है।  (ii) UPPSC की परीक्षा OMR बेस होता है। (iii) UPPSC की परीक्षा में पूरे 150 प्रश्न पूछे जाते हैं। (iv) UPPSC के सारे प्रश्न बहुविकल्पी (MCQ) प्रकार के होते हैं।  (v) UPPSC Pre की परीक्षा में 2 Paper होते हैं और दोनों पेपर एक ही दिन में होते हैं। * प्रथम पेपर 150 प्रश्न का होता है। ( General Studies I ) * द्वितीय पेपर 100 प्रश्न का होता है। ( General Studies II )। इसको C-SAT भी कहा जाता है।   (vi) परीक्षा में 0.33 का नेगेटिव मार्किंग होता है। @ UPPSC Mains Exam Pattern- (i) यह परीक्षा ऑफलाइन हो

भारत के भौतिक प्रदेश। Physical Region of India in Hindi

भारत के भौतिक प्रदेश। Physical Region of India in Hindi भू-आकृति विज्ञान पृथ्वी की स्थलाकृतियों और उसके धरातल की विशेषताओं का अध्ययन करता है। भारत के लगभग  10.6%  क्षेत्र पर पर्वत,  18.5%  क्षेत्र पर पहाड़ियां,  27.7%  पर पठार तथा  43.2%  क्षेत्रफल पर मैदान विस्तृत हैं। विवर्तनिक इतिहास और स्तरित-शैल-विज्ञान के आधार पर भारतीय उपमहाद्वीप को निम्न पांच भौतिक प्रदेशों में विभाजित किया जा सकता है- 1. उत्तर का पर्वतीय क्षेत्र 2. दक्षिण का विशाल प्रायद्वीपीय पठार 3. विशाल (सिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र) मैदान तथा 4. तटीय मैदान एवं 5. द्वीप समूह भारत के भौतिक प्रदेश 1. उत्तर का पर्वतीय क्षेत्र- ☆  हिमालय पर्वत श्रेणी- हिमालय पर्वत श्रेणियों का वर्गीकरण- 1.  महान हिमालय (हिमाद्रि)-  2.  मध्य या लघु हिमालय- 3.  शिवालिक हिमालय- (i)  ट्रांस या तिब्बत हिमालय- (ii)  पूर्वांचल की पहाड़ियां- हिमालय का प्रादेशिक विभाजन - (I)  पंजाब हिमालय-                              (II)  कुमायूं हिमालय- (III)  नेपाल हिमालय- (IV)  असम हिमालय- 2. दक्षिण का विशाल प्रायद्वीप पठार- ☆  प्रायद्वीपीय पर्वत- i.  अरावली पर्वत ii.  

विश्व का भूगोल महत्वपूर्ण प्रश्न,(Important Questions of World Geography in Hindi)

विश्व का भूगोल महत्वपूर्ण प्रश्न,(Important Questions of World Geography in Hindi) नमस्कार दोस्तों, इस पोस्ट में हम आपको 'विश्व का भूगोल महत्वपूर्ण प्रश्न,(Important Questions of World Geography in Hindi)  से संबंधित 140 बहुत ही महत्वपूर्ण Question ans Answer बता रहे हैं, जो Exams की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है – विश्व का भूगोल महत्वपूर्ण प्रश्न 1. हमारी आकाशगंगा के केंद्र की परिक्रमा करने में सूर्य को कितना समय लगता है?-  25 करोड़ वर्ष 2. वह सीमा जिसके बाहर तारे आंतरिक मृत्यु से ग्रसित होते हैं क्या कहलाती है?-  चंद्रशेखर सीमा 3. एक निश्चित आकृति में व्यवस्थित तारों का समूह क्या कहलाता है?-  नक्षत्र अथवा तारामंडल (Constellation) 4. तारों के मध्य दूरी ज्ञात करने की इकाई को क्या कहा जाता है?-  प्रकाश वर्ष 5. जिस तारामंडल के तारे ध्रुव तारे की ओर संकेत करते हैं वह है? -  सप्तऋषि मंडल 6. मैगलन अंतरिक्ष यान किस ग्रह हेतु भेजा गया था?-  शुक्र 7. अपने परिक्रमा पथ में पृथ्वी लगभग किस मान्यवर से सूर्य का चक्कर लगाती है?-  30 किमी/सेकंड 8. पृथ्वी पर मरूभूमि होने की संभावना अधिक रहती है?

प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत,(Plate Tectonic Theory In Hindi)

प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत,(Plate Tectonic Theory In Hindi ) भूमिका: पृथ्वी की सतह अस्थाई एवं परिवर्तनशील है। पृथ्वी की सतह पर होने वाले परिवर्तनों के लिए अंतर्जात एवं बहिर्जात भूसंचलन को जिम्मेदार माना जाता है। सतह पर होने वाले इन परिवर्तनों को स्पष्ट करने के लिए अनेक सिद्धांतों का प्रतिपादन किया गया परंतु भू-आकृति विज्ञान के क्षेत्र में अंतर्जात भूसंचलन द्वारा सतह पर होने वाले परिवर्तनों से संबंधित दिए गए सिद्धांतों में प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत को सर्वाधिक मान्यता प्राप्त है। प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत,(Plate tectonic theory)  के प्रतिपादन का श्रेय किसी एक भूगोलवेत्ता को नहीं जाता बल्कि  महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत, पुराचुंबकत्व अध्ययन  एवं  सागर नितल प्रसरण सिद्धांत  का सम्मिलित रूप है।  प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत का विकास - स्थलीय दृढ़ भूखण्डों को ही  प्लेट  कहते हैं। इन प्लेटों के स्वभाव तथा प्रवाह से संबंधित अध्ययन को  प्लेट विवर्तनिकी  कहते हैं।  प्लेट शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम कनाडा के भूगर्भशास्त्री  टूजो विल्सन  के द्वारा 1955 में किया गया, जबकि प्लेट